ध्रुव जुरेल: संघर्ष से भरी क्रिकेट की कहानी 

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान किया, और इसमें ध्रुव जुरेल का चयन भी शामिल है 

पैसों की कमी में भी खिला चैम्पियन

ध्रुव ने अपने क्रिकेट सपने के लिए बैट खरीदने के लिए पिताजी से 800 रुपये उधार लिए थे

मां का साथ, जो बना खिलाड़ी का सहारा 

ध्रुव की मां ने अपने सोने की चेन बेचकर उन्हें क्रिकेट किट गायब करने में मदद की थी

आर्मी स्कूल से शुरू होकर, ध्रुव ने मेहनत और लगन से अपना स्थान बनाया, और अब वह टीम इंडिया के हिस्से हैं 

ध्रुव ने पिछले दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया और हाल ही में रणजी ट्रॉफी में भी अपनी क्षमताओं को दिखाया 

ध्रुव का पूरा परिवार हैरानी में है, और उनका समर्थन उन्हें और भी मजबूत बना रहा है 

ध्रुव ने टीम इंडिया में विकेटकीपर के रूप में अपनी जगह बनाई है, जिससे उन्होंने अपने सपनों को हकीकत में बदला है 

जब उनसे पूछा गया कि किस टीम के लिए खिलाड़ी हैं तो ध्रुव ने विराट और रोहित की टीम में से किसे चुना, और बताया अपना फेवरेट खिलाड़ी है दोनों

ध्रुव ज्यूरेल ने घरेलू क्रिकेट में 15 मैचों में 46 के औसत से 790 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं